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इब्तिदा

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Description

नमस्कार दोस्तों एवं पाठकों,

मैं, इकराश , आप सबका स्वागत करता हूँ “इब्तिदा – नए सफ़र की” के हमारे सफ़र में। आप सबके बिना ये सफ़र न तो शुरू हो सकता है और न ही मुकम्मल। मैं कोई बड़े वादे तो नहीं करूँगा आप सबसे मगर इतना ज़रूर कहूँगा कि चंद एहसासों और जज़्बातों से आप ज़रूर रूबरू होंगे।
बहुत लोग पूछते हैं मुझसे कि आज के ज़माने में जब सब अंग्रेजी के पीछे भाग रहे हैं तो मैं क्यूँ हिंदी साहित्य के पीछे दौड़ रहा हूँ। ये तो गुज़रे ज़माने की बात हो गयी है। कौन पढ़ेगा मुझे और कौन अपना वक़्त ज़ाया करेगा मेरे पीछे। और मैं बस चुप हो जाता था। क्यूँकी उस वक़्त मेरे पास कोई जवाब नहीं था।
मगर आज है मेरे पास जवाब। और वो जवाब है “इब्तिदा”। मुझे पढ़ने का हमेशा से शौक़ रहा है और ये शौक़ मुझे ले गया एक दिन “योरकोट” नामक एक ऐप्प पर। हर्ष स्नेहांशु और उनके कुछ जिगरी दोस्तों ने मिल कर ये ऐप्प बनाया और अब हर देश की हर गली से लेखक और कवि बन कर निकल रहे हैं। और इसका पूरा श्रेय हर्ष जी और उनकी टीम को जाता है। यूँ तो “योरकोट” के ज़रिये इस सफ़र ने मुझे कई उभरते लेखकों और दोस्तों से मिलाया पर कुछ ख़ास लोगों ने इस सफ़र में मुझे बहुत प्रभावित किया। और इन्ही कुछ लोगों की वजह से “इब्तिदा” का जन्म हुआ। आशा करूँगा कि आप सबको मेरा ये प्रयास पसंद आएगा और हिंदी साहित्य की तरफ़ आप सबका झुकाव थोड़ा और बढ़ेगा।
पंचतत्वों से मिल कर बनता है शरीर और फिर शुरू होता है जीवन का एक नया सफ़र। “इब्तिदा” भी बिलकुल ऐसी ही है। पाँच  कवि पाँच तत्वों की तरह मिल कर साथ आये हैं  एक सपना साकार करने के  लिए, कुछ नया करने के  लिए । अपने प्रयास से हम सब हिंदी साहित्य में अपना छोटा सा योगदान देना चाहते हैं। इस क़िताब में आपको पढ़ने मिलेंगे ज़िंदगी की हक़ीक़तों और फ़सानों से जुड़ी कुछ गज़लें, कुछ नगमें,  कुछ शेर और दिल से निकले कुछ ख्याल ।
मैं इस सफ़र में आपको आज के कुछ कमाल के कवि और कवियत्रियों से मिलवाने जा रहा हूँ जो आपको एक हसीं सफ़र पर ले चलेंगे कुछ अल्फ़ाज़ों के साथ अपनी जुबां में अपनी ग़ज़लों, नज़्मों और कविताओं के ज़रिए। हर एक की अपनी एक शैली है और हर एक का अपना अंदाज़ है।
अब ज़्यादा कुछ न कहते हुए मैं आप सबसे गुज़ारिश करता हूँ कि आइये मेरे साथ और खो जाइये कुछ लफ़्ज़ों में जो दिल से निकले हैं और आप सबके दिल तक पहुँचने की अभिलाषा रखते हैं। आप सब के दिल में एक छोटा सा आशियाँ बनाने की तमन्ना रखते हैं हम सब।
आप सबका,
इकराश़

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